Vatpornimechya Shubhechha

सावित्रि ब्रह्मसावित्रि सर्वदा प्रियभाषिणी|
तेन सत्येन मां पाहि दुःख-संसार-सागरात्|
अवियोगो यथा देव सावित्र्या सहितस्य ते |
अवियोगो तथास्माकं भूयात् जन्मनि जन्मनि ||
वटपौर्णिमेच्या शुभेच्छा!

शनि स्तोंत्र 💐
ॐ नीलांजन समाभासं रवि पुत्रं यमाग्रजम |
छायामार्तंड संभूतं तं नमामि शनैश्चरम ||
शनि गायत्री मंत्र
ॐ शनैश्चराय विदमहे छायापुत्राय धीमहि |
तन्नो मंद: प्रचोदयात ||
शनि पीडाहर स्तोंत्र
सुर्यपुत्रो दीर्घदेहो विशालाक्ष: शिवप्रिय: |
दीर्घचार: प्रसन्नात्मा पीडां हरतु मे शनि: ||
शनि बीज मंत्र
ॐ प्रां प्रीं प्रों स: शनैश्चराय नमः ||